Monday, November 23, 2009


(लघु कथा ) बाँझ ...

पति ने दूसरी शादी कर ली थी । वह चीख रही है । उसने बहुत बुरा सपना देखा है । वह देख रही थी...
सड़क पर चारों ओरखून फैला है दो बच्चे पड़े हुए हैं । ...उनके मुंह से खून बह रहा है । एकाएक चारों ओर अँधेरा छ गया । फ़िर वहां धू_- धू कर आग जलने लगी । वह जाग उठी ...उसके मुंह से चीख निकल आई । धड़कनों पर काबू न था । कमरे में रौशनी काफी तेज थी। सहसा नजर बगल में सोये अपने बच्चे की ओर गयी । बच्चा बिस्तर से गायब था ...
चीख सुन कर दीपा दोड़ी हुई कमरे में आई । वह और तेज - तेज चीखने लगी -
"दीपा ...दीपा...मेरे बच्चे को कोई उठा ले गया "...
दीपा की आँखों में आंसू भर आए । उसी ने कमरे की सफाई करते वक्त बच्चे नुमा बने कपडे के गट्ठर को दूसरी जगह रख दिया था ...


(संभावना २००८ )

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