Tuesday, October 20, 2009

वह उससे प्रेम करता है ...

वह हमेशा इनकार करता है
उसके बच्चे का पिता होने से
क्योंकि ,वह उससे प्रेम करता है
अत्यन्त गहराई से
बार - बार पिता बनने के करीब जाकर
हत्या कर डालता है
उसके हुलसते - छलकते मातृत्व की ।
वह उससे प्रेम करता है
इसका दावा कई बार ठोक चुका है
कहता है-
किसी और की हो जायेगी
तो, वह जरुर पागल हो जाएगा
साथ ही यह भी कहता है
कि -वक्त हर चीज की बड़ी अच्छी दवा होता है
सरे दिन दूसरी लड़कियों के आजू- बाजू मंडराते
अपनी तेज निगाहों से
उन्हें टटोलता - मसलता हुआ
अंधेरे में उसके पास आकर
सच्चे प्रेमी की भूमिका में
तब्दील हो जाया करता है ।
अक्सर ही -
उसकी रोती आँखों को झ्झोंड कर कहता है -
कितनी नैरो मैन्देद लड़की है
कितना छोटा सोचती है
या फ़िर -
हमारी-तुम्हारी बुनियाद में फर्क है
वह उसकी तरह केंद्रित नहीं रह सकता
क्योंकि , जिंदगी के तंग होने का खतरा है
एक जगह अटके पानी में
सडांध पैदा हो जाया करती है
वह उससे सचमुच प्रेम करता है
और अपनी माँ की बताई
लड़की से विवाह - रस्म करने तक
प्रेम करेगा ।
वह तो यहाँ तक कहता है
कि - विवाह के बाद भी
सबसे ऊपर उसी को रखेगा
उससे भी प्रेम करेगा
बस वह भरोसा रखे ...
ऐसे में सचमुच
मैं डिक्शनरी उठा कर
ढूढने लगती हूँ
भरोसा माने ...???


मणिबेन पटेल (हैदराबाद विश्वविद्यालय )
( अप्रैल ०९ , वर्तमान साहित्य )

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